आनंद ने सिखाया जीवन का आनंद

खंडवा। स्वयं का स्वयं से संवाद कर, खुद को निखारने की कला में निपुर्णता हासिल करना।अपनी अंतर आत्मा आवाज से परिचय करना, जो स्वयं के उद्धार के लिये महत्वपूर्ण हैं।व प्रकृति से संवाद कर उसे महसूस कर अपने जीवन में खुशहाली लाना ही इस प्रशिक्षण शिविर का उदेद्श्य था।यहां सब अपने अनुभव आपस मे बाट रहे थे।कई विषयों पर चर्चाए भी हुई।अंत मे ये शिविर एक परिवार बन गया जिसमे लोग भावात्मकता से जुड़ गए।यह शिविर राज्य आनंद संस्थान अध्यात्म विभाग द्वारा 18 ,19, व 20 सितंबर को जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान भोपाल वाल्मी में तीन दिवसीय सहयोगी प्रशिक्षण का था।
जिसमे छेंगांव माखन ब्लॉक से स्वास्थ्य विभाग के पर्यवेक्षक प्रमेन्द्र अटूट ने भाग लिया। श्री अटूट ने बताया कि मध्य प्रदेश से कुल 49 आनंदको को चयनित किया गया था। राज्य आनंद सीईओ अखिलेश अर्गल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि अल्पविराम हमारे जीवन को बेहतर बनाने का मौका देता है इस कार्यक्रम से आप अपने जीवन की दिशा और मकसद तय कर सकते हैं। श्री अटूट ने बताया कि तीन दिवसीय आनदंम प्रशिक्षण में जीवन का तहत्व समझ मे आया है।हमेशा खुश रहकर कार्य करना चाहिए।जीवन मे उतार चढ़ाव आते जाते रहते है।सरलता से अपने कार्य को आगे बढ़ाते रहे।कार्य को रुचि के साथ करे औऱ प्रकृति से प्रेम बनाये रखे।
उन्हें राज्य आनंद संस्थान के मुख्यकार्यपालन अधिकारी अखिलेश अर्गल ने उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया ।मध्य प्रदेश के राज्य आनंद संस्थान के आनंदक ट्रेनर प्रदीप मोहितो,जितेश श्रीवास्तव व अन्य द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर सत्यप्रकाश आर्य ,इंद्रपाल सिंह सहित संस्थान के प्रशिक्षक उपस्थित थे।

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