नई शिक्षा नीति से हुआ है सकारात्मक बदलाव : रॉय


पंधाना । नवीन शिक्षा नीति पर सकारात्मक बदलाव के संकेत मिले हैं । अब विद्यार्थियों को सामान्य शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा भी प्रदान की जाएगी , साथ ही विद्यार्थियों का कौशल भी विकसित होगा । उनकी रचनात्मक क्षमता बढ़ेगी और हर सत्रान्त में उन्हें क्रमशः प्रमाण पत्र, डिप्लोमा, डिग्री अथवा शोध के साथ डिग्री प्राप्त हो सकेगी । विद्यार्थियों को रटंत प्रणाली से मुक्ति मिलेगी और वे चिंतन, मनन, विश्लेषण तथा शोध अध्ययन के लिए प्रेरित हो सकेंगे ।
उक्त विचार शासकीय महाविद्यालय पंधाना के प्राचार्य प्रोफेसर आलोक राय ने व्यक्त किये । वे नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के व्याख्यान कार्यक्रम में बोल रहे थे।
इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ अनूप कुमार सक्सेना ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से एक ग्लोबल सिलेबस तैयार किया गया है, जिससे विद्यार्थियों का संपूर्ण व्यक्तित्व विकास हो सकेगा । अब संगीत खेल, योग और शिल्प जैसे विषय मुख्य पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे । साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित अध्यात्मिक, पौराणिक, नैतिक और वैज्ञानिक विषय भी पाठ्यक्रम में शामिल किए गए हैं , जिससे देश की कला, संस्कृति और ज्ञान-विज्ञान से विद्यार्थीगण अवगत हो सकेंगे ।
इस अवसर पर डॉ वेद प्रकाश मलानी, डॉ. शाजिया सिद्दीकी, डॉ. रश्मि तिवारी, डॉ प्रवीण मालवीय, श्रीमती सरोज मालवीय सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे ।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रवीण मालवीय ने किया एवं कृतज्ञता ज्ञापन श्रीमती सरोज मालवीय ने व्यक्त किया ।

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